“Troubleshoot of singer in hindi”
मंच बना है साजों से सजा,
गीत दिल में, होंठों पर बजा।
लेकिन आई परेशानी अनजानी,
सुर अचानक हो गए अनजाने,
माइक थमा—पर आवाज़ न आई,
लगा मंच पर एक साया सा छाया।
गाने का दिल था बड़ा उमंग में,
पर स्पीकर ने कह दिया 'ना' रंग में।
धुन बिखरी, लय लड़खड़ाई,
ग़लत तार ने बात बढ़ाई।
श्रोता बैठे, सबकी नज़र में उम्मीद,
गायक के माथे पे आया पसीनारूपी दीद।
पर हार कहाँ मनाता गायक सच्चा,
अगर सुर फिसले, वो दिल लगा के बच्चा।
इशारे से साउंडमैन को बुलाया,
टेस्टींग-एक-टू, फिर सुरों को सजाया।
या माइक की जगह खुद स्वर से जगाया,
दर्शक तालियों से हौसला बढ़ाया।
यही है कलाकार की असली पहचान,
तकलीफ़ों में भी मुस्कानें सवेरें जान।
ट्रबलशूट तो ज़िंदगी का हिस्सा है,
संगीत हो या मंच, हर किसी का किस्सा है।
जो दिल से गाए, राहें वही बनाता,
हर मुश्किल में, एक तराना वो सजाता।
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