“software engineer's trouble in hindi”

कोड की गलियों में खो जाता हूँ अक्सर,  
बग्स की भीड़ में परेशान सा रहता हूँ।  
चलती है रातों को लैपटॉप की रोशनी,  
सपनों में भी जावा-पाइथन की कथा गाता हूँ।

डेडलाइन की तलवार लटकती है हर पल,  
बॉस के मेल जैसे तीरों की बौछार।  
कभी बूट नहीं होता सिस्टम समय पर,  
तो कभी फाइल गायब हो जाए अचानक यार!

क्लाइंट की फरमाइश रोज़ बदलती रहती,  
कभी UI बदलो, कभी कुरियर का API जोड़ो।  
Git की ब्रांच में उलझा ऐसा फँसता हूँ,  
Merge conflict को सुलझाते खुद से ही लड़ पड़ो।

कभी-कभी सोचता हूँ — ये कैसा है जंजाल?  
घर बैठे भी दिमाग जाकर बैठा रहता हाल।  
पर जब चलता है अपना लिखा कोड सही,  
तो मिलती है खुशी — अद्भुत, गहरी, नई।

हम सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मुश्किलों में भी हँस दें,  
चाय की प्याली ले बैठें फिर से एक नयी फाइल खोल दें।  
सपनों में सिस्टम डाउन रहे या सपनों में बग सताए,  
हम हिम्मत न हारें — नये हल की राह दिखाए।
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