“Software Engineer's Trouble in Hindi”

कोड की दुनिया में उलझा, बेचारा इंजीनियर,  
बग्स ढूंढे, फिक्स करे, फिर भी आए एरर।  
कभी कम्पाइलर बिगड़े, कभी नेटवर्क कर दे धोखा,  
लौट आती है वही दुविधा—कोड चले या रोके ताका।

कुर्सी पे रातें जागी, चाय की प्याली संग,  
आंखों में नींद कम, डेडलाइन की लंबी जंग।  
कभी क्लाइंट बोले—"बस पाँच मिनट का काम है!"  
पर कोड के भीतर छुपा, कितने सवालों का जाल है।

फीचर माँगे बॉस, यूज़र बोले "आप बेस्ट हैं,"  
इंजीनियर मुस्काए, दिल में बोले—"ओह रेस्ट हैं!"  
गिट-पुल, मर्ज-कन्फ्लिक्ट, कमेंट्स की लड़ाई,  
कोड-रिव्यू में दोस्त, बन जाते हैं भाई।

कीबोर्ड की आवाज़ में, सपनों का पैगाम है,  
हर बग के पीछे, नई शुरुआत का नाम है।  
मुश्किलें आएं जितनी, दिल में रोशनी रखो,  
सॉफ्टवेयर इंजीनियर जीवन—टुकड़ों में खुशी खोजो!
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